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Question # : 156212

INDIA

हज़रत मुफती साहब! मैंने पढ़ा है कि अगर किसी ने कहा: अगर मैं फुलाँ काम करूँ तो काफिर हो जाऊँ, फिर उस काम के करने को कुफ्र जानते हुऐ किया, तो काफिर हो जाएगा? लेकिन अगर उसका कुफ्र का इरादह नहीं है, तो काफिर होगा? क्या यह सही है?
कृपया! क़ुरआन व ह़दीस के ह़वाले से बताऐं।

Answer : 156212

Published on: Dec 13, 2017

بسم الله الرحمن الرحيم



Fatwa ID: 238-288/L=03/1439



 


ऐसी सूरत में आदमी उस काम के करने की वजह से क़सम में ह़ानिस हो जाऐगा और उस पर क़सम का कफ्फारह देना ज़रूरी होगा;लेकिन सही क़ौल के मुताबिक़ वो काफिर न होगा।



والأصح أن الحالف لم یكفر سواء علقہ بماض أو آت إن كان فی اعتقادہ أنہ یمین. (درمختار: 5/492‏، كتاب الإیمان‏، ط: زكریا دیوبند)




Allah knows Best!


Darul Ifta,
Darul Uloom Deoband

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